Pragya Wellness – Tapasvi Chaitanya Guruji Program

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  • Ad ID: 3612

  • Added: 20/11/2019

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Description

pragya wellness - tapasvi chaitany guruji

Registration Form


FREE Introduction Session – Register Now
“प्रयास से अनायास तक की यात्रा” ,
Free परिचयात्मक सत्र
तपस्वी चैतन्य गुरुजी के तत्वाधान मे में आनंद, शांति और शक्ति का अनुभव करें, antiageing तकनीक ओर ब्रह्मविद्या योगनिद्रा जैसी विधियों को अपनाकर –
-क्षमताबढा कर ऊर्जावान प्यार भरा आनन्दमयजीवन जी सकते है ।
-समस्त शारीरिक बिमारियो जैसे मोटापा ,पेट सम्बंधी बीमारी, बी पी,शुगर ओर कैंसर सहित बिमारि से छुटकारा पा सकते है ओर अपनी मानसिक व्याधिया जैसे अनिद्रा ,तनाव ,depression से मुक्ति पा सकते है ।
ओर leadership, decision making, creativity ,self confidence & concentrations बढा कर self development हो जाती है ।
23 November, 2019
पता: पंचायती धर्मशाला, गाँधी नगर, गरिमा फैशन के सामने
समय: सुबह 5:30 बजे या शाम 5:30 बजे (किसी एक सत्र की अवधि चुनें – 2 घंटे)
विवरण के लिए संपर्क करें: 9999146864/9412821632/9818771752/9810693000/8368600607
Experience Bliss, Peace and Strength at the Manoyog Sadhna Shivir, learn anti-ageing techniques. Enhance your physical, emotional & mental health by rejuvenation of internal organs, through a holistic approach of meditation . Experience free introductory session on 23 nov 2019.
Address :  dharamshala , gandhi nagar , opp garima fashion / backside of ashirwad banquet
Timing : Morning 5:30 AM or Evening 5:30 PM (choose any one Session Duration – 2 Hrs)
For Details contact: 9999146864 / 9412821632 /9818771752/ 9810693000/ 8368600607
About the Program :
प्रज्ञा चेतन्य फाउन्डेशन ट्रस्ट जयपुर की ओर से दक्षिण भारत के तपस्वी श्री चेतन्य गुरू के सानिध्य में एन सी आर के गाजियाबाद शहर के पंचायती धर्म्म्शला मे23नवंबर से   आयोजित  नो दिवसीय ध्यान  शिविर में चेतन्य गुरू जी द्वारा ढाई घन्टे प्रति दिन में सीखी जाने वाली सरल प्राकृतिक एवं मौलिक क्रियाऐं सिखायी जायेंगीं। शिविर मे रशिया से आयातित बायोवेल मशीन के माध्यम से साधक के शरीर में विद्युत चुम्बकीय तरंगें  प्रभावित कर शरीर के 32अंगों  के साथ साथ नौ तंत्रिका तंत्र प्रणालियों की वर्तमान कार्य क्षमता को माप कर भविष्य में होने वाली सम्भावित बिमारियों को प्रारंम्भिक अवस्था में आने से पहले ही पहचान कर अवगत करवा कर आगाह किया जायेगा जिससे समय रहते सम्भावित बिमारियों से बचने के उपाय किये जा सकें। शिविर में सिखायी गयी क्रियाओं को नियमित रूप से 90 दिन करने से तथा खानपान ,आहार – विहार व जीवनशैली में बदलाव करके साधक चमत्कारिक सकारात्मक परिणाम उत्पन्न होते है, रोग प्रतिरोधक क्षमता में हजारों गुना बढ़ोतरी होती है जिसे हम जीवन पर्यन्त स्वस्थ, निरोगी व चिरायु रह सकते हैंं।

The full and correct pronunciation of AUM  along with Meditation and Yog Nidra provide immeasurable strength and bliss to both Mind and body. Through this sadhna we can have a stress free mind and a tiredless body through out the day. A journey from effort to effortless.

*ध्यान से स्वास्थ्य का संबंध*
ध्यान से स्वास्थ्य का
बहुत संबंध है। क्योंकि बीमारी का बहुत बड़ा हिस्सा मन से मिलता है। गहरे में तो बीमारी का नब्बे प्रतिशत हिस्सा मन से ही आता है। ध्यान मन को स्वस्थ करता है। इसलिए बीमारी की बहुत बुनियादी वजह गिर जाती है।
यह जो  ओंकार साधना ध्यान की प्रक्रिया है, इससे शरीर पर सीधा भी प्रभाव होता है। क्योंकि मात्र औम का सही उच्चारण  आपकी जीवन ऊर्जा को, वाइटल एनर्जी को बढ़ाती है। सारा जीवन श्वास का खेल है। जीवन का सारा अस्तित्व श्वास पर निर्भर है। श्वास है तो जीवन है।
हम जिस भांति श्वास लेते हैं, वह पर्याप्त नहीं है। हमारे फेफड़े में, समझें, अंदाजन कोई छह हजार छिद्र हैं। हम जो श्वास लेते हैं वह दो हजार छिद्रों से ज्यादा छिद्रों तक नहीं पहुंचती। बाकी चार हजार छिद्र, दो तिहाई फेफड़े सदा ही कार्बन डाइआक्साइड से भरे रह जाते हैं। वह जो चार हजार छिद्रों में भरा हुआ कार्बन डाइआक्साइड है, वह हमारे शरीर की सैकड़ों बीमारियों के लिए कारण बनता है। वह कार्बन डाइआक्साइड समझें कि आपके भीतर जड़ है, जहां से सभी कुछ गलत निकल सकता है।
औम्कार साधना  धीरे-धीरे आपके छह हजार छिद्रों को छूने लगती है, स्पर्श करने लगती है। आपके पूरे फेफड़े शुद्धतम प्राण से भर जाते हैं। इसका परिणाम होगा, गहरा परिणाम शरीर पर होगा ओर  बड़ी से बड़ी बीमारियां गिर जाती हैं…
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